Narendra Modi Biography| मुख्यमंत्री से प्राइम मिनिस्टर बनाने का सफ़र

Narendra Modi (Narendra Damodardas Modi)  हमारे देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री है।Narendra Modi भारत के 14 वे  प्रधानमंत्री है और आज़ाद भारत में जन्म लेने वाले भारत के प्रथम प्रधानमंत्री है।”

नरेंद्र मोदी बारे में हर कोई जानना चाहता है। नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लोकप्रिय नेता और विश्व के प्रमुख शक्तिशाली व्यक्तियों में अपना स्थान रखते है।

नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सिर्फ़ भारत नही विश्व भर के देशों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व पटल पर अपनी एक मज़बूत पहचान बनायी है ।

नरेंद्र मोदी हमारे देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री है। नरेंद्र मोदी भारत के 14 वे  प्रधानमंत्री है और आज़ाद भारत में जन्म लेने वाले भारत के प्रथम प्रधानमंत्री है।

आज नरेंद्र मोदी जी की ये विदेश नीति की विजय है की अगर विश्व के कोई भी दो देश आपस में भले ही  दुश्मन हो लेकिन भारत के साथ उन दोनो देशों के सम्बंध मधुर है।नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व के कई देशों के साथ  व्यापारिक  सैन्य और आर्थिक संबंधो को मज़बूत किया है । 

विश्व के सभी देश नरेंद्र मोदी की नेतृत्व की प्रशंसा  करते है । नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की इस ताक़त ने  उन्हें एक ग्लोबल लीडर के रूप में पहचान दिलवायी है। विश्व पटल पर अपनी मज़बूत कूटनीतिक रिश्तों को विश्व के सभी देशों के साथ स्थापित  किए है।

नरेंद्र मोदी ने हर वर्ग के लोगों के लिए महतवपूर्ण योजना लागू करके उनके  जीवन को आसान करने की कोशिश की है।अपने राजनैतिक जीवन में नरेंद्र मोदी में ने कई उतार चढ़ाव देखे है।

आज भी नरेंद्र मोदी के बारे में कई ऐसी जानकारियाँ है जो लोगों को नही पता । आज हम अपने लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़े हर पहलू पर बात करेंगे और उसका विश्लेषण करेंगे। 

भारत के सबसे लोकप्रिय नेता श्री नरेंद्र मोदी की जीवनी (BIOGRAPHY OF NARENDRA MODI IN HINDI)

 नरेंद्र मोदी पूरा नाम Narendra Damodardas Modi है। इनका जन्म गुजरात राज्य के वड़नगर में 17 September  1950 को  हुआ। नरेंद्र मोदी के पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी और माता जी का नाम हीराबेन मोदी था। 

नरेंद्र मोदी आज़ाद भारत में जन्म लेने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री है। दामोदरदास मूलचंद मोदी की कुल 6 बच्चे थे, जिनमे नरेंद्र दामोदरदास मोदी अपने माता पिता की तीसरी संतान है । नरेंद्र मोदी पढ़ने लिखने में बहुत ज़्यादा होशियार नही थे बल्कि औसत बच्चे थे लेकिन नाटक में भाग लेना हो या वाद विवाद प्रतियोगिता इस तरह के कार्यों में इनकी रुचि बहुत ज़्यादा थी। 

 अपने पाठशाला में होने वाली इस तरह की प्रतियोगितायों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया करते थे। नरेंद्र मोदी जी के पिता जी रेल्वे स्टेशन पर चाय बेचने का काम करते थे।

इनका परिवार काफ़ी गरीब था । बचपन में  स्कूल से घर आने के बाद ये अपने पिताजी के पास  उनके चाय स्टॉल पर चले जाते थे और उनकी मदद किया करते थे।बड़े होने पर नरेंद्र मोदी ने अपने भाई के साथ भी अपनी एक चाय स्टाल लगायी और चाय बेचने लगे थे। 

नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा वड़नगर से पूरी की है ।Narendra Modi ने  अपनी ग्रैजूएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान (पोलिटिकल साइंस) से पूरी की , इसके बाद इन्होंने अपनी पोस्ट ग्रैजूएशन गुजरात यूनिवर्सिटी से सन 1980 में राजनीति विज्ञान (पोलिटिकल साइंस) से पूरी की है।

नरेंद्र मोदी जी की सगाई मात्र 13 वर्ष की आयु में हो गयी थी और 17 वर्ष की आयु में जशोदा बेन चमनलाल के साथ ये विवाह सम्बंध में बँध गए।ये वही समय था जब इन्होंने अपनी हाई स्कूल की परीक्षा पास की था।

लेकिन वैवाहिक जीवन में इनका मन नही लगा और कुछ समय पश्चात दोनो आपसी सहमति से एक दूसरे से अलग हो गए।जशोदा बेन सरकारी स्कूल में अध्यापिका थी और अब सेवा निवृत हो चुकी है। 

नरेंद्र मोदी ने शादी के बाद ग्रह त्याग कर दिया था और भारत के कई धार्मिक जगहों का पर गए।

नरेंद्र मोदी जी ने अपने शुरू के चार विधान सभा चुनावों के नामांकन के वक्त खुद को अविवाहित बताया था लेकिन इस बात के सार्वजनिक होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने शपथ पत्र दे कर जशोदा बेन को अपनी धर्मपत्नी स्वीकार कर लिया है। 

खुद को अविवाहित बताने के पीछे भी नरेंद्र मोदी जी ने अपना पक्ष रखा था की अविवाहित व्यक्ति विवाहित व्यक्ति के अपेक्षा भ्रष्टाचार से ज़्यादा अच्छे तरीक़े से लड़ सकता है। 

फ़रवरी 2014 में financial Express को दिए अपने इंटर्व्यू में जशोदा बेन ने कहा था कि की मुझे उम्मीद है की एक दिन वो प्रधानमंत्री ज़रूर बनेंगे। 

नरेंद्र मोदी का  राजनैतिक सफ़र (Political Career Of Narendra Modi)- 

नरेंद्र मोदी ने आठ साल की आयु में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) जोईन कर लिया था।नरेंद्र मोदी भारत और पाकिस्तान के बीच हुए दूसरे युद्ध में ट्रेन से जाने वाले सैनिकों की सेवा किया करते थे और उनके लिए खाने पीने के लिए सामान इकट्ठा करते थे।

जब हमारे देश में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने आपातकाल लगाया था तो इन्होंने RSS में रहते हुए उसका विरोध किया था ये वो समय था जब RSS (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ) के कार्यसेवकों को जेल में बंद किया जाने लगा था तो इससे बचने और अपनी गतिविधियों को जारी रखने के लिए ये भेष बदल कर पूरे भारत में घूमने लगे थे।

1987 में नरेंद्र मोदी  ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली।इसके बाद इन्हें जनता के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा/ BJP) की पकड़ को मज़बूत करने का ज़िम्मा सौंपा गया जिसका निर्वहन इन्होंने अपनी पूरी कुशलता से किया और इनके मेहनत का ही नतीजा था की सन 1995 के गुजरात विधानसभा के चुनाव में भाजपा(BJP) ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनायी ।

लेकिन इसी वक्त शंकरसिंह वाघेला ने भाजपा से इस्तीफ़ा दे दिया। शंकरसिंह वाघेला के पार्टी से इस्तीफ़ा देने के बाद केशुभाई पटेल को गुजरात को मुख्यमंत्री बना दिया गया।

Narendra Damodardas Modi ने अपनी कुशलता से पार्टी में अपनी एक अलग पहचान बना ली थी। इन्हें दिल्ली बुला लिया गया और  सन 1998 में उन्हें राष्ट्रीय संगठन मंत्री का पद सौंपा गया।

नरेंद्र मोदी का गुजरात के मुख्यमंत्री बनने का सफ़र

सन  2001  में गुजरात के भुज में भूकम्प आया जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था । यहाँ  केशुभाई पटेल की बिगड़ती सेहत और जनता के बीच कम होते उनके प्रभाव की वजह से भारतीय जनता पार्टी को 2002 में  होने वाले चुनाव में अपनी हार साफ़ दिख रही थी। 

तब उस समय लालकृष्ण आडवाणी और अटल विहारी वाजपायी जी ने नरेंद्र मोदी को केशुभाई पटेल के साथ गुजरात का उप-मुख्यमंत्री बनाने का फ़ैसला लेते है।

लालकृष्ण आडवाणी नरेंद्र मोदी के राजनैतिक अनुभव की कमी की वजह से परेशान थे ।और उन्हें गुजरात के आगामी चुनावों में पार्टी की जीत की भी चिंता थी।

लेकिन नरेंद्र मोदी ने उनके उप-मुख्यमंत्री  बनाए जाने के प्रस्ताव को ये कह कर मना कर दिया की अगर आपको मुझे गुजरात की ज़िम्मेदारी देनी है तो पूरी दे अन्यथा ना दे।

लालकृष्ण आडवाणी ने इन्हें 2002 के विधानसभा चुनाव की पूरी ज़िम्मेदारी के साथ 3rd October 2001 को Keshubhai Patel की जगह इन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया। और इनका पहला कार्यकाल 7 October 2001 से शुरू हुआ। 

नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के पद पर  13 वर्ष तक रहे है वो आज़ाद भारत में जन्म लेने वाले  गुजरात के प्रथम मुख्यमंत्री है।साथ ही साथ गुजरात के 14 वे मुख्यमंत्री भी है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने गुजरात की पूरी रेख रूप बदल दी, जन कल्याण  के लिए उन्होंने कई सारी परियोजनाएँ लागू की। नरेंद्र मोदी ने घर घर बिजली से लेकर  गुजरात की पानी की समस्या का भी हल निकाला।

2014 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी

2014 में लोकसभा चुनाव से पहले सन 2013 में गोवा में BJP कार्यसमिति की बैठक हुई । BJP इस बार एक मज़बूत उमीदवार को प्रधानमंत्री के रूप में लोकसभा चुनाव का चेहरा बनाना चाहती थी।

जिसके लिए सहमति से उन्होंने नरेंद्र मोदी को आगामी चुनाव के लिए अपना प्रधानमंत्री उमीदवार घोषित किया।ये पहला ऐसा चुनाव था जिसमें न्यूज़ एजेन्सी द्वारा किए गए सर्वे में चुनाव से पहले ही जनता की पहली पसंद नरेंद्र मोदी थे । 

नरेन्द्र मोदी का नाम घोषित करते ही पूरे देश में भाजपा की लहर दौड़ गयी थी पूरा देश हर हर मोदी घर घर मोदी के नारों से गूजने लगा था। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता देख कर चुनाव में इनकी जीत पक्की मानी जाने लगी।

नरेंद्र मोदी को उमीदवार घोषित करते हाई पूरे देश में नमो नाम की लहर गूंज उठी। नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 2 सीटों पे चुनाव लड़े वाराणसी और वडोदरा से और दोनो ही  सीटों पर भारी बहुमत से विजय प्राप्त की।

2014 के लोक सभा चुनाव में भाजपा गठबंधन ने कुल 336 सीट पर  जीत हासिल की जिसमें अकेले भाजपा ने 282 सीट पर विजय प्राप्त करके पूर्ण बहुमत की सरकार बनायी।

2019 लोकसभा चुनाव – 2016 में नरेंद्र मोदी ने नोट बंदी की थी जिससे विपक्ष ने केंद्र सरकार की बहुत आलोचना की और 2019 के चुनाव में इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा लेकिन 2019 में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर से BJP ने चुनाव में एतिहासिक जीत हासिल की।

Prime Minister Narendra Modi वाराणसी से सांसद भी है, वाराणसी को चुनने का इनका मुख्य उद्देश्य गंगा माँ की सेवा करना है जो इन्होंने अपने भाषण में कहा था कि मैं गंगा मैया की सेवा करना चाहता हूँ और इस प्राचीन नगरी वाराणसी का विकास करना चाहता हूँ। 

विश्व के देशों द्वारा नरेंद्र मोदी को दिए गए सर्वोच्च सम्मान –

 नरेंद्र मोदी भारत के इक्लोते ऐसे प्रधानमंत्री है जिन्हें कई देशों ने इनके कार्यों को देखते हुए अपने देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है । 

साउथ कोरिया का  सियोल शांति पुरस्कार – South Korea ने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ़रवरी 2019 में अपने सर्वोच्च सम्मान सियोल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया। Prime Minister Narendra Modi इससे सम्मानित होने वाले प्रथम भारतीय है।

Champion Of The Earth Award – सन 2018 में संयुक्त राष्ट्र ( United Nation) ने नरेंद्र मोदी के पूरी दुनिया में सौर ऊर्जा के ज़्यादा इस्तेमाल के  प्रोत्साहन और प्लास्टिक का कम से कम उपयोग के लिए उठाए गए कदमों के लिए विश्व का नेतृत्व करने के लिए फ़्रान्स के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ इस सम्मान से सम्मानित किया गया है। 

Order Of Saint Andrew – रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ये सम्मान Russian Federation ने 12 April 2019 को सम्मानित किया।

Order Of King Abdulaziz Al Saud – 2016 में Saudi Arabia ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान Order Of King Abdulaziz Al Saud से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानती किया है।

Amir Amanullah Khan Award – अफ़ग़ानिस्तान के  सर्वोच्च नागरिक सम्मान से जून 2016 में अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी को सम्मानित किया है। 

Order Of Zayed – United Arab Emirates ने अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 4 April 2019 को सम्मानित किया है।

एक झलक

आज हमने नरेंद्र मोदी से सम्बंधित सभी जानकारियों को बारीकी से जाना है, अगर हमारे किसी पाठक को लगता है की हमसे कोई जानकारी साझा करना रह गया है तो कृपया हमें कॉमेंट करके बताए। हम उसे अप्डेट करेंगे जिससे पाठकों को ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी प्राप्त होगी । 

JUSTFORYOU.IN सभी पाठकों को हमारे पुराने पोस्ट CSC Grameen e-Storet को अपना प्यार देने के लिए धन्यवाद कहता है। 

आप सभी के लिए हम सभी जानकारियों को हमेशा लिखते रहेंगे अपना प्यार ऐसे ही बनाए रखिए । धन्यवाद।

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