हमारे मौलिक कर्तव्य कितने हैं ? हमारे संविधान में उल्लिखित मौलिक कर्तव्य जानिय –

हेलो दोस्तो हमारी आज की पोस्ट में जानेंगे की हमारा मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties in Hindi) क्या हैं? साथ ही हम यह भी जानेगे की हमने हमारा मौलिक कर्तव्य ( Fundamental Duties) किस देश के संविधान से लिया हैं ? संविधान के किस पार्ट में हमारा मौलिक कर्तव्य ( Fundamental Duties) दिया गया हैं ?

जैसे की हमने हमारे पिछले पोस्ट में जाना की हमारे संविधान द्वारा हमें कौन – कौन से मौलिक अधिकार प्रदान किये गये हैं ।

आज की पोस्ट में हमारे मौलिक कर्तव्य के बारे में जानेंगे जो हमारे देश के संविधान द्वारा हमारे देश के नागरिकों प्रदान किये गये.

हमारे देश के संविधान ने मौलिक कर्तव्य को रूस के संविधान से लिया हैं. मौलिक कर्तव्य को अनुच्छेद 51 (A) के अंडर रखा गया हैं जोकि Japanese संविधान से लिया गया हैं।

हमारे देश के संविधान द्वारा हमारे देश के नागरिकों को ग्यारह मौलिक कर्तव्य प्रदान किये गये हैं ।

जोकि हमारे संविधान के पार्ट 4(A) और अनुच्छेद 51 (A)में दिया गया हैं, पहले मौलिक कर्तव्य दस थे , लेकिन 2002 में 86 वें संविधान संशोधन द्वारा एक और मौलिक कर्तव्य को जोड़ा गया जोकि अभी वर्तमान में ग्यारह हैं।

Fundamental Duties( मौलिक कर्तव्य ) को सरदार स्वर्ण सिंह कमिटी द्वारा सिफ़ारिश कर वर्ष 1976 , 42nd संशोधन द्वारा मौलिक कर्तव्य को संविधान में जोड़ा गया था.

आइए अब जानते है कि हमारे मौलिक कर्तव्य कितने हैं ? और  हमारे संविधान में उल्लिखित मौलिक कर्तव्य कौन-कौन से है?

मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties in Hindi) हमारे मौलिक कर्तव्य की सूची

1. संविधान और उसके आदर्शो , संस्थाओं का आदर और पालन करे , राष्ट्रध्वज और राष्ट्र्गान का सम्मान करे.

2. स्वतंत्रता के लिए जो भी राष्ट्रीय आंदोलन हुए हैं उसका सम्मान करे , और उनके प्रेरित करने वाले आदर्शो को हृदय में संजोय और उसका पालन करे.

3. भारत देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे तथा इसके गरिमा को बनाये रखे.

4. देश की सेवा और रक्षा करे और आह्वान किये जाने पर देश की सेवा के लिए तात्पर्य रहे.

5. भारत देश में सभी लोगों के भीतर सद्भाव और समान भाईचारे का निर्माण करे , धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग आधारित सभी प्रकार के भेदभाव से उत्कृष्ट हो , स्त्रीयो के विरुद्ध होने वाली प्रथाओ का त्याग करे.

6. भारत की सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व जाने और उसका प्रतिपालन करे.

7. प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करे , वन, झील, नदी और वन्य जीव की रक्षा करें और संवर्द्धन करें त्तथा प्राणीमात्र के प्रति हित की भावना रखे.

8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मानववाद और विद्वता तथा सुधार की भावना को बढ़ावा दे.

9. सार्वजनिक संस्था की रक्षा करे , और हिंसा से दूर रहे.

10. सभी क्षेत्रों में व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के पराकाष्ठा  की तरफ़ बढ़ने की प्रयास करे ,ताकि राष्ट्र प्रगति की नयी – नयी ऊँचाइयों को छुए.

11. 6 से 14 वर्ष के आयु के बच्चों के लिए शिक्षा अनिवार्य कर दिया गया ये मौलिक कर्तव्य संविधान के 86वें संशोधन 2002 के द्वारा जोड़ा गया.

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हमने जाना की भारतीय नागरिकों के मौलिक कर्तव्य क्या है? और हमारे देश में प्रति हमारे क्या मूल मौलिक कर्तव्य है जिनका पालन हमने करना चाहिए। आपका कोई सवाल या सुझाव है तो आप हमें कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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